सिरसा। प्रदेश में सरकार द्वारा निर्धारित किए समय के अनुसार आज से धान की रोपाई शुरु हो गई है। सिरसा जिला के किसानों ने भी सरकारी हिदायतों के अनुसार धान की रोपाई शुरु कर दी है। जिला में इस बार 55 हजार हैक्टेयर भूमि पर धान रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त पंकज चौधरी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा रखे गए लक्ष्य के अनुसार जिला में इस बार पीबी-1 यानी मुच्छल धान की रोपाई के लिए 32 हजार हैक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। 11 हजार हैक्टेयर भूमि पर बासमती धान की रोपाई की जानी है जिसमें पी-1121, पी-1221 (दोनों पूसा) तथा सिकंदरी किस्मों की रोपाई की जानी है। उन्होंने बताया कि साधारण किस्मों में एचके.आर-47 तथा पीआर-126 किस्मों की रोपाई भी 12 हजार हैक्टेयर भूमि पर रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस बार अच्छी मानसून और भाखड़ा नहर में पानी की अच्छी उपलब्धता के कारण धान रोपाई के क्षेत्र में लक्ष्य से भी अधिक रोपाई किए जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मानसून यदि समय पर आ जाता है तो निश्चित रुप से धान रोपाई क्षेत्र में वृद्धि होगी। इसके साथ-साथ बिजली की स्थिति में भी सुधार हुआ है। सिरसा के उप-निदेशक कृषि जगदीप बराड़ ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को बीजने से पहले बीज उपचार करे। धान की पौध बीजने से पहले भी बीज उपचार सुनिश्चित करे और प्रमाणित बीजों का उपयोग भी करे। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल के लिए विशेष रुप से धान के लिए जिला में उर्वरकों का पर्याप्त मात्रा में भंडार है। इस समय जिला में विभिन्न एजेंसियों के पास 8 हजार मीट्रिक टन डीएपी का भंडारण है। इसी प्रकार से 15 मीट्रिक टन से भी अधिक यूरिया का भंडारण है जो किसानों की आवश्यकतानुसार पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग ने इस साल साठी धान की रोपाई पर भी पूरी तरह रोक लगाई हुई है, जिसके चलते किसानों ने इस बार साठी धान लगाने में कोई रुचि नहीं ली। उन्होंने कहा कि  किसानों को सामान्य धान की रोपाई के लिए बिजली विभाग की ओर से कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। विभाग द्वारा कृषि क्षेत्र में बिजली उपलब्ध करवाने का शैड्यूल पहले ही तय किया जा चुका है। किसानों को चाहिए कि वे शैड्यूल के अनुसार ही अपने खेतों में पानी लगाने का कार्य करे।