University News

                                  आयुष्मान व अपराजिता
 
हाल ही के वषोर्ं में मीडिया का चौतरफा विस्तार हुआ है। यह सिलसिला मंदी के दौर में भी मंद नहीं पड़ा। लिहाजा मीडिया में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। मीडिया में कॅरियर बनाने के लिए खासकर उन लोगों को आगे आना चाहिए जिनकी अध्ययन और लेखन में विशेष अभिरूचि हो। यह कहना है चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान का। वे मीडिया सेंटर का अवलोकन करने आए फतेहाबाद जिले के नागपुर से आई स्कूली छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। गौरतलब है कि नागपुर के सीनियर सेकेंडरी स्कूल की साठ छात्राओं का दल शिक्षा विभाग की योजना के तहत शैक्षणिक भ्रमण पर विश्वविद्यालय परिसर आया था। इस दल की प्रतिभावान छात्राओं ने सामुदायिक रेडिया स्टेशन की कार्यप्रणाली का अवलोकन करने के साथ साथ केंद्र के नियमित कार्यक्रम हैलो सिरसा में भी शिरकत की। अपने संबोधन में चौहान ने कहा कि सूचना क्रांति के युग में सफलता प्राप्ति के लिए नई प्रोद्योगिकी की समक्ष विकसित करना बहुत आवश्यक है। कंप्यूटर व इंटरनेट की जानकारी के साथ साथ उन्होंने बेहतर अभिव्यक्ति की क्षमताएं विकसित करने के लिए भी विद्यार्थियों का आवाहन किया। उन्होंने बताया कि चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में मीडिया शिक्षा के लिए उत्कृष्टतम श्रेणी की सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। इनमें सामुदायिक रेडियो स्टेशन, टेलीविजन स्टूडियो, वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा व एक आधुनिक मीडिया लैब शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विभाग में पत्रकारिता के व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों की रूचि मीडिया में कॅरियर बनाने की है, वे बारहवीं कक्षा के बाद ही इस दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

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                                              प्रवीण व आयुष्मान

रूढियों और भांति-भांति के पाखंडों के गर्त में समाते जा रहे भारतीय समाज को एक बार फिर से वैदिक धर्म की ओर प्रवृत्त करने के लिए महर्षि दयानंद ने आर्य समाज की स्थापना की थी। भारत में स्वराज की बात करने वाले संभवतः वे पहले शख्स थे। उनसे प्रेरणा लेकर कार्य करने वाले नौजवानों ने कालांतर में भारत के स्वाधीनता संग्राम में अहम भूमिका अदा

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                                प्रवीण कुमार व आयुष्मान
भारतीय संस्कृति में गौ अति पूजनीय है लेकिन फिर भी कुछ लोग अज्ञानता वश या कुछ लोग स्वार्थ पूर्ति के लिए गौ का निरादर करते हैं। इनमें वे लोग की शामिल हैं जो सुबह शाम दूध निकाल कर अपनी गायों को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं। यह गौधन न केवल यातायात में बाधा बनता है बल्कि सड़कों पर घूमते हुए पोलीथीन सरीखी विषैली चीजें खाकर स्वयं भी कष्ट पाती हैं। यह सिलसिला थमना चाहिए। सिरसा में डेरी संचालकों को इसके लिए समझाने का अभियान जारी है। अगले आठ-दस दिन तक लोगों को मनाने का प्रयास होगा और उसके बाद भी जो नहीं समझेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। यह कहना है जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के मानद जीव जंतु कल्याण अधिकारी रमेश मेहता का। मेहता सामुदायिक रेडियो के कार्यक्रम हैलो सिरसा में पशु कल्याण विषय पर केन्द्र निदेशक वीरेंद्र सिंह चौहान के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने ने कहा सिरसा शहर को अब भी दो गौशालाओं की आवश्यकता है। सरकार निर्माण करके दे दे तो सड़कों पर कोई गौ बेसहारा नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि गौरक्षा समिति को एक बार फिर से सक्रिय कर उसके अभियान को नई गति देने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में गौ संरक्षण के लिए राज्य में गौसेवा आयोग के गठन की मांग भी उठी। मेहता ने कहा कि सिरसा में पशु क्रूरता निवारण समिति के गठन के लिए वे जिलाधीश डा. युद्धबीर सिंह ख्यालिया से बातचीत करेंगे। प्रस्तुत है इस बातचीत के संपादित अंश:

गौधन संरक्षण में किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
सिरसा में मात्र दो गौशालाएं हैं जिनमें क्षमता से अधिक गौधन है। सरकार को चाहिए कि सिरसा में कुछ और गौशालाओं का निर्माण करवाए ताकि बेसहारा गायों को संरक्षण दिया जा सके। गौ भक्तों के सहयोग से कुछ राशि एकत्रित की जाती है जिसे कि विभिन्न गौशालाओं में गौ सेवा के लिए भेज दिया जाता है और सरकार द्वारा भी कुछ अनुदान दिया जाता है लेकिन यह ऊँट के मुंह में जीरे के समान है। सिरसा शहर से बेसहारा गायों को गौशालाओं में भेजने का अभियान पूरी तरह कामयाब होने में एक बांधा यह भी है कि राजस्थान से बड़ी संख्या में गौधन को लोग इस ओर छोड़ जाते हैं।

अपने गौधन को सड़कों पर बेसहारा छोडने वाले लोगों को दंडित करने के लिए क्या प्रावधान है?
इस समस्या से निपटने के लिए कई बार प्रशासन से भी अपील की गई है। सिरसा में गौ रक्षा समिति के द्वारा भी ऐसे लोगों को जुर्माना लगाकर दंडित किया जाता है। पहली बार गौधन को बेसहारा छोडने पर ग्यारह सौ रूपये, दूसरी बार इस अपराध के लिए इक्कीस सौ रूपये व तीसरी बार पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्यवाही करने का प्रावधान है। इस समस्या से पूर्णतया राहत पाने के लिए आमजन को भी आगे आना होगा।

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                                      प्रवीण इंसा व आयुष्मान

उपभोक्ता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। उपभोक्ता को यह अधिकार है कि वह किसी भी वस्तु अथवा सेवा की खरीददारी पर उसका बिल प्राप्त करे। अगर हमारे पास बिल की प्रति है तो हम उस वस्तु के खराब होने पर उसे ठीक करवा सकते हैं। यदि कोई दुकानदार ऐसा करने से मना करता है तो हम उसके खिलाफ उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए वह अदालत से हरजाने के लिए गुहार लगा सकता है और अधिकारों के हनन को रोक सकता है। यह विचार एडवोकेट आशीष सिंगला ने सामुदायिक रेडियो के कार्यक्रम हैलो सिरसा में केन्द्र निदेशक वीरेंद्र सिंह चैहान के साथ उपभोक्ताओं की समस्याओं के विषय पर बातचीत के दौरान व्यक्त किए। प्रस्तुत है बातचीत के संपादित अंशः-

उपभोक्ता कौन होता है?
उपभोक्ता के अधिकारों की सुरक्षा के विषय में २४ दिसंबर, १९८६ को केन्द्र सरकार ने एक कानून पास किया, जिसके तहत उपभोक्ताओं के अधिकारों का संरक्षण किया जा सके। कानून की नजर में प्रत्येक वह व्यक्ति जिसने किसी भी वस्तु या सेवा को मूल्य अदा करके खरीदा हो वह उपभोक्ता है।

उपभोक्ता हानि होने पर क्या करें?
सर्वप्रथम तो उपभोक्ता के पास यह सबूत होना जरूरी है कि उसने अमुक वस्तु खरीदी है। इसके लिए खरीददारी करते समय बिल की प्रति का लेना अति आवश्यक है, क्योंकि कानूनी कार्यवाई में लिखित दस्तावेज को ही सबूत माना जाता है। यदि आपके पास बिल नहीं है तो आपके पास क्षतिग्रस्त वस्तु का गारंटी या वारंटी कार्ड होना आवश्यक है। ये दोनों कागज आप अदालत में ले जाकर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं और हर्जाने की मांग कर सकते हैं।

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जनसंचार समाचार सेवा
सिरसा,13 नवंबर।
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राज्य के शिक्षण संस्थानों और खासकर विश्वविद्यालयों से आह्वान किया किया है कि वे अपने परिसरों में सामुदायिक रेडियो स्टेशन स्थापित करने की दिशा में पहल करें। हुड्डा चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के पत्रकारिता विभाग में स्थापित हुए सिरसा के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन के

लोकार्पण के सौ दिन पूरे होने पर क्षेत्र की जनता से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीडीएलयू का कम्युनिटी रेडियो स्टेशन देशभर के लिए एक मॉडल कम्युनिटी रेडियो स्टेशन बनेगा। ऐसा तभी संभव है जब यह रेडियो स्टेशन सिरसा के जन-जन की आवाज बन कर यहां के लोगों के चहुमुखी विकास में मददगार साबित हो।

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